: Department of Financial Services, Government of India

हमारे बारे में:

वित्तीय सेवाएं विभाग के कार्यात्मक आदेश में बैंकों, वित्तीय संस्थाओं, बीमा कंपनियों तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्य शामिल है। इस विभाग के प्रमुख सचिव (वित्तीय सेवाएं) हैं जिनकी सहायता के लिए एक अपर सचिव, चार संयुक्त सचिव तथा दो आर्थिक सलाहकार हैं।

संयुक्त सचिव/आर्थिक सलाहकार निम्नलिखित विषयों के संबंध में कार्रवाई करते हैं:-

i. संयुक्त सचिव (पेंशन सुधार तथा बीमा)

बीमा उद्योग के जीवन तथा गैर-जीवन संघटक, बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीए), पेंशन सुधार, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली, पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) तथा सरकारी क्षेत्र की बीमा कंपनियों के बोर्ड में मुख्य कार्यपालकों तथा सरकारी नामिती निदेशकों/गैर-सरकारी निदेशकों की नियुक्ति, विभाग के समन्वय तथा स्थापना संबंधी मामले।

ii. संयुक्त सचिव (संस्थागत वित्त)

प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋण, निर्यात ऋण, मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यमों तथा आवास के लिए ऋण, अवसंरचना का वित्त पोषण, सूक्ष्म वित्त, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी), सिडबी, नाबार्ड, आईएफसीआई, आईआईएफसीएल तथा एग्जिम बैंक से संबंधित मामले जिनमें इन वित्तीय संस्थाओं के बोर्ड में मुख्य कार्यपालकों तथा सरकारी नामिती निदेशकों/गैर-सरकारी निदेशकों की नियुक्ति भी शामिल है।

iii. संयुक्त सचिव (वित्तीय समावेशन) तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी

कृषि ऋण, बैंकिंग सेवाओं के नेटवर्क का विस्तार, व्यवसाय प्रतिनिधि/व्यवसाय सुविधाप्रदाता, मोबाईल बैंकिंग, अग्रणी बैंक योजना तथा सेवा क्षेत्र पद्धति, जिला तथा राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), यूआईडीएआई आधार संख्या के संमिलन सहित अपने बैंक खातों के जरिए लाभार्थियों को सब्सिडी का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, सतर्कता मामले, सरकारी क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों, वित्तीय संस्थाओं तथा वित्तीय विनियामकों जैसे आरबीआई, आईआरडीए तथा पीएफआरडीए में मुख्य सतर्कता अधिकारियों (सीवीओ) की नियुक्ति।

iv. संयुक्त सचिव (बैंकिंग प्रशासन)

बैंकिंग परिचालन, वार्षिक लक्ष्य तय करना, सरकारी क्षेत्र के बैंकों में लेखा पद्धति तथा अंतिम लेखा तैयार करना, सरकारी क्षेत्र के बैंकों के बोर्ड में मुख्य कार्यपालकों तथा सरकारी नामिती निदेशकों/गैर-सरकारी निदेशकों की नियुक्ति; सरकारी क्षेत्र के बैंकों द्वारा केंद्र सरकार को देय लाभांश; बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35 के अंतर्गत आरबीआई द्वारा की गई सरकारी क्षेत्र के बैंकों की वार्षिक वित्तीय समीक्षा की जांच करना तथा इस संबंध में अनुवर्ती कार्रवाई करना, सरकारी क्षेत्र के बैंकों की पूंजी पुनर्संरचना तथा मानव संसाधन से संबंधित मामले, बैंक के बकाये की वसूली से संबंधित मामले, ऋण वसूली अधिकरणों (डीआरटी) तथा ऋण वसूली अपीलीय अधिकरणों (डीआरएटी) की स्थापना से संबंधित मामले।

v. आर्थिक सलाहकार-I

सरकारी क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों आदि में ग्राहक सेवा तथा शिकायत, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति का विश्लेषण, आर्थिक सर्वेक्षण आदि के लिए समन्वित सामग्री, केंद्रीय बजट से संबंधित समन्वय सामग्री तथा बजट घोषणाओं के संबंध में अनुवर्ती कार्रवाई, लंबित लेखा परीक्षा पैराओं के संबंध में अनुवर्ती कार्रवाई, सरकारी क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों तथा वित्तीय संस्थाओं एवं आरबीआई में भारत सरकार की आरक्षण नीति के कार्यान्वयन की निगरानी करना, सरकारी क्षेत्र के बैंकों आदि में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग, शारीरिक रूप से विकलांग तथा भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण रोस्टर का निरीक्षण करना, विभाग तथा इसके द्वारा प्रशासित संस्थाओं में राजभाषा नीति का कार्यान्वयन, विभाग से संबंधित संसदीय मामले, सामान्य प्रशासन, विभाग की हाउसकीपिंग आदि।

vi. आर्थिक सलाहकार-II

बैंकिंग परिचालन – II

बैंकिंग परिचालन से संबंधित नीतिगत मामले, जैसे देश में जमाराशि स्वीडकार करने की गतिविधियां, निक्षेप बीमा और प्रत्य य गारंटी निगम। चिट फंड कंपनियों एवं भुगतान तथा निपटान प्रणाली से संबंधित विधायी प्रस्ताेव। स्था्नीय क्षेत्र के बैंकों से संबंधित नीतिगत मामले,अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी), धन शोधन रोधी (एएमएल) तथा वित्तीकय आतंकवाद का मुकाबला (सीएफटी)। बैंकिंग,बीमा तथा पेंशन सुधार के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्री य संबंधों के नीतिगत मामले; वित्ती य कार्रवाई कार्य दल। करेंसी चेस्टस खोलना, जमाराशि स्वीेकार करने के सभी संगत पहलुओं को कवर करने के लिए नया कानून तैयार करना। सीईआरएसएआई के माध्यकम से केंद्रीय केवाईसी रिकार्ड रजिस्ट्री शुरू करना। केंद्रीय आर्थिक आसूचना ब्यूसरो तथा आसूचना प्रणाली पर कार्यदल की बैठकों के लिए इनपुट/सामग्री/ एफएसडीसी और उसके उप-समूह की बैठकें।

पेंशन सुधार

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस), अटल पेंशन योजना (एपीवाई), स्वावलम्बन/एनपीएस-लाइट से संबंधित नीतिगत मामले। पेंशन सुधारों के क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय संबंधों से संबंधित नीतिगत मामले; पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) से संबंधित न्यायिक प्रस्ताव तैयार करना, पीएफआरडीए से संबंधित प्रशासनिक कार्य, पीएफआरडीए में अध्यक्ष/सदस्य की नियुक्ति प्रक्रिया/एनपीएस न्यास वित्तीय कार्रवाई कार्य दल के बोर्ड में नामित न्यासी की नियुक्ति। एफएसडीसी तथा उसके उप-दलों की बैठक।