: Department of Financial Services, Government of India

बैंकिग प्रभाग के मुख्य कार्य

1. बैंकिग प्रभाग बैंकों तथा सावधि ॠणदात्री वित्तीय संस्थाओं अधिनियम व नियम की कार्य प्रणाली से जुडी सरकार की नीतियों का कार्यान्वयन कर रहा है। इस प्रभाग के शीर्ष अधिकारी सचिव (बैंकिंग एवं बीमा) स्तर के अधिकारी हैं तथा यह तीन उप-प्रभागों (।) औद्योगिक वित्त, (।।) बैंकिंग परिचालन तथा (।।।) बैंकिंग एवं बीमा के माध्यम से कार्य करता है । प्रत्येक उप-प्रभाग के मुखिया संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी हैं।

2. औद्योगिक वित्त उप-प्रभाग अखिल भारतीय वित्तीय संस्थाओं के संबंधित विधायी एवं प्रशासनिक कार्य, वित्तीय संस्थाओं के मुख्य कार्यपालकों की नियुक्ति, औद्योगिक एवं वितीय पुनर्निर्माण बोर्ड (बीआईएफआर), औद्योगिक अपीलीय प्राधिकरण (एएआईएफआर) के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति तथा औद्योगिक रुग्णिता से संबंधित मामलों और उद्योग, बैंकों एवं वितीय संस्थाओं के बीच समन्वय से संबंधित विविध मुद़दों पर कार्य करता है। यह ॠण वसूली अधिकरणें (डीआरटी) एवं ॠण वसूली अपीलीय अधिकारणों (डीआरएटी) की स्थापना से संबंधित कार्य भी करता है।

3. बैंकिंग परिचालन उप-प्रभाग बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, चिट फण्ड कंपनियों से संबंधित विधायी प्रस्तावों एवं अन्य संबद्ध मामलों और सरकारी क्षेत्र के बैंकों के बोर्डों में मुख्य कार्यपालक तथा सरकार द्वारा नामित निदेशकों गैर-सरकारी निदेशकों की नियुक्ति से संबंधित कार्य करता है। इसके अतिरिक्त, गैर-सरकारी बैंकों, विदेशी बैंकों एवं गैर-बैंकिग वित्तपोषण कंपनियों से जुडे नीतिगत मामलों, बैंकों में ग्राहक सेवाओ में सुधार तथा ग्राहक की शिकायतों के निवारण का कार्य भी इस उप-प्रभाग द्वारा किया जाता है । यह उप-प्रभाग सतर्कता मामलों, सरकारी क्षेत्र के बैंकों में मुख्य सतर्कता अधिकारियों (सीवीओ) की नियुक्ति तथा अन्य संबद्ध मामलों पर भी कार्रवाई करता है।

4. बैंकिंग एवं बीमा उप-प्रभाग केन्द्रीय सरकार के मंत्रालयों विभागों द्वारा कार्यान्वित बैंक के ॠण संयोजन स्व-रोजगार कार्यक्रमों से संबंधित सभी नीतिगत मामलों एवं राष्ट्री्य आवास बैंक (एनएचबी) के प्रशासनिक मामलों और उपर्युक्त मामलों के संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक के साथ समन्व्य का कार्य करता है। यह उप-प्रभाग ग्राम एवं कुटीर उद्योग , हथकरघा, हस्तशिल्प, परिवहन, शिक्षा, लघु कारोबार, खुदरा व्यापार आदि से संबद्ध ॠण नीति मामलों को भी देखता है। इस उप-प्रभाग द्वारा चयनित ॠण नियंत्रण, ॠण गारंटी निगम एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम, 1976 के क्रियान्यन, बैंकिंग उद्योग में वेतन समझौते पर बातचीत एवं इसका कार्यान्वयन, जनशक्ति आवास, कर्मकार कर्मचारी निदेशकों की नियुक्ति के लिए प्रस्तावों पर कार्रवाई, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं अन्य विनिर्दिष्ट श्रेणियों के लिए आरक्षण नीति के कार्यान्वयन का कार्य भी किया जा रहा है।