: Department of Financial Services, Government of India

स्वावलम्बन योजना

असंगठित क्षेत्र के लोगों को अपनी सेवानिवृत्ति के लिए स्वैच्छिक आधार पर बचत करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु स्वावलम्बन योजना, एक सह-अंशदायी पेंशन योजना का शुभारम्भ सितम्बर, 2010 में किया गया था। केन्द्र सरकार योजना के अंतर्गत खोले गए प्रत्येक खाते, जिसमें अभिदाता एक वित्त वर्ष के दौरान 1,000 रुपए से 12,000 रुपए तक की बचत कर सकते है, में 1,000 रुपए की राशि का अंशदान करेगी। सरकार का अंशदान वित्त वर्ष 2016-17 तक उपलब्ध है। योजना भारत के उन नागरिकों के लिए है जो कि किसी अन्य सांविधिक पेंशन/भविष्य निधि योजना से जुड़े हुए नहीं हैं। स्वावलम्बन योजना के लक्षित लाभार्थी राज्य सरकारों, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं, निर्माण श्रमिकों, बुनकर, मछुआरे, किसान, डेरी श्रमिक इत्यादि जैसे पेशेवर वर्गों के सह-अंशदायी योजना के लाभार्थी हैं। योजना का प्रबंधन पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकण (पीएफआरडीए) द्वारा किया जाता है तथा इसका वित्त पोषण पीएफआरडीए को अनुदान सहायता के माध्यम से बजटीय सहायता द्वारा होता है।

अटल पेंशन योजना की घोषणा

60 वर्ष की आयु पर पेंशन लाभों की अस्पष्टता के कारण इस योजना के अंतर्गत कवरेज अपर्याप्त थी। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने वर्ष 2015-16 के बजट में अटल पेंशन योजना (एपीवाई) नामक एक नई पहल की घोषणा की तथा प्रधानमंत्री द्वारा 09 मई, 2015 को इसका औपचारिक शुभारम्भ हुआ।

एपीवाई प्रारम्भ होने से, स्वावलम्बन योजना में नामांकन समाप्त कर दिए हैं तथा स्वावलम्बन योजना के अंतर्गत पात्र यदि अभिदाता इस योजना से बाहर निकलने के विकल्प का चयन नहीं करते हैं तो उन्हें अटल पेंशन योजना में स्वतः शामिल किया जा रहा है।