पेंशन सुधार से संबंधित बजट उद्घोषणाएं

बजट भाषण 2016-17

पैरा 85 (i)


बीमा और पेंशन क्षेत्रों में स्वचालित मार्ग में भारतीय प्रबंध पर मौजूदा दिशानिर्देशों के अध्यधीन 49 प्रतिशत तक के विदेशी निवेश की अनुमति दी जाएगी और नियंत्रण का सत्यापन विनियामकों द्वारा किया जाना है।

पैरा 137


पेंशन स्कीमें वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा की पेशकश करती हैं। मेरा विश्वास है कि सुनिश्चित लाभ और सुनिश्चित अंशदान वाली पेंशन योजनाओं के लिए कर व्यवहार समान होना चाहिए। मैं राष्ट्रीय पेंशन स्कीम के मामले में, सेवानिवृत्ति के समय निधि से 40 प्रतिशत आहरण को कर-मुक्त करने का प्रस्ताव करता हूं।

पैरा 138


अधिवर्षिता निधियों और ईपीएफ सहित मान्यता प्राप्त भविष्य निधियों के मामले में 1.4.2016 के पश्चात् किए गए अंशदानों से सृजित निधियों के संबंध में भी, 40 प्रतिशत के कर-मुक्त होने का वही मानदंड लागू होगा।

पैरा 139


इसके अतिरिक्त, पेंशनभोगी की मृत्यु के पश्चात् उसके कानूनी उत्तराधिकारी को मिलने वाली वार्षिकी निधि, तीनों मामलों में कर योग्य नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, हम कर-छूट का लाभ लेने के लिए मान्यता प्राप्त भविष्य और अधिवर्षिता निधियों में नियोक्ता के अंशदान की मौद्रिक सीमा 1.5 लाख रुपए प्रतिवर्ष करने का प्रस्ताव करते हैं।

पैरा 140


मैं राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली द्वारा उपलब्ध कराई गई वार्षिक सेवाओं और ईपीएफओ द्वारा कर्मचारियों को प्रदान की गई सेवाओं को सेवा कर से छूट का प्रस्ताव करता हूं।

बजट भाषण के भाग ख के लिए अनुबंध

पैरा 2 (2.1)


मान्यता प्राप्त भविष्य निधि, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली और अधिवर्षिता निधि के लिए एक समान कर उपाय करने का प्रस्ताव है। तदनुसार निम्नलिखित का प्रस्ताव हैः-

 कर्मचारी की मृत्यु होने पर आयकर अधिनियम की धारा 80गगध में उल्लिखित राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत खाता बंद होते समय कर्मचारी के नामित द्वारा प्राप्त किसी राशि को छूट देने का प्रस्ताव है।

 मान्यता प्राप्त भविष्य निधि या राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में अधिवर्षिता निधि से एक बाह सुवाह्यता हेतु छूट देने का प्रस्ताव है।

 यह प्रस्ताव है कि नेशनल पेंशन स्कीम ट्रस्ट से कर्मचारी द्वारा प्राप्त पेंशन धन के 40% तक की राशि को कर से छूट दी जाएगी।